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Book Review : 'The 365 days'

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           Title - The 365 days          Writer - Nikhil ramtake          Paperback:  192 pages          Publisher:  Write India Publishers          Language:  English          ISBN-10:  8193298845          ISBN-13:  978-8193298848 ‘The 365 days’  is debut novel of Nikhil Ramtake . Nikhil dedicates his debut novel to the late Rainabai. Novel is about  an atheist fisherman of  Kerela named  Shijukutty . Like many Indians he migrates to Dubai in expectation of good job with high salary. In Dubai , Nikhil tells a very heart touching and untold story of Indian migrants. The 365 days reveal black side of the lime light of Dubai. STORY Book opens with the new year eve at Thiruvanatpuram airport . Shijukutty was going to gulf in search of his destiny....

पुस्तक वार्ता - 'रूस की क्रांति'

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2017 रूस की क्रांति का शताब्दी वर्ष है . सौ साल पहले हुए इस क्रांति की चमक का  मानव विकास की पट्टी पर आज तक धुंधली नहीं हुई है न आने वाले कल में होगी . वर्षों से जारशाही की पीढ़ा झेल रहे रूस में 25 अक्तूबर 1917 को ऐसी लकीर खिंची गयी जो आज तक कायम है . जिस समाजवाद को यूटोपियन सोसाइटी माना जा रहा था उस समाजवाद को रूस की क्रांति ने जमीन पर स्थापित किया . इस महान क्रांति का प्रभाव विश्व के चिंतक , दार्शनिक , वैज्ञानिक , लेखकों  पर पड़ा . क्रांति से प्रभावित भारत के लोग इस क्रांति का स्वागत श्रद्धाभाव से किए . रामवृक्ष बेनीपुरी रूस की क्रांति से बेहद प्रभावित , क्रांति के प्रभाव में ही उन्होंने 1931 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना किये. इसी प्रभाव में 1942 से 1945 के बीच हजारीबाग जेल में रखते हुए रूस की क्रांति किताब लिखी . जो लियोन त्रात्स्की की History Of Russian Revolution  पर आधारित हैं यह किताब शुरू होती है प्रथम विश्व युद्ध के रूस से जब किसानों को फौज में भर्ती किया जा रहा होता है और मोर्चे पर लड़ रहे सैनिक युद्ध से ऊब चुके रहते हैं. फरवरी क्रांति की जमीन तैया...

नॉन रेज़िडेंट बिहारी | Book Review

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अमेज़न पर   कुछ महीनों पहले इस बुक को देखा था । Non Resident Indian(NRI) सुना था ,  Non Resident Bihari(NRB) पहली बार सुन रहा था । किताब को जानने की उत्सुकता में लिंक पर क्लिक कर दिया । पांच मिनट इधर - उधर पढ़ने पर पता चला की किताब खूब बिक रही थी । इसके रिव्यु भी अच्छे थे । कुछ ही दिन बाद फिर फेसबुक पर इस के बारे में किसी फ्रेंड का स्टेटस पढ़ा । उत्सुकता और भी बढ़ गयी । अगले ही दिन अमेज़न पर आर्डर कर दिया । बुक मिला 27 जनवरी को । तब से आज तक ( 4 मार्च ) किताब को रोज उलट-पलट के देखता और एग्जाम बाद पढ़ने पर टाल देता ।  जब 4 मार्च को एग्जाम से छुटा तो सबसे पहले यही किताब उठाया । किताब के नाम में ही गजब का उत्साह था ।  किताब के लेखक शशिकांत मिश्र हैं ।  बिहार के हैं । पेशे से पत्रकार हैं , ABP NEWS में काम करते हैं । इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएट हैं और हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं । UPSC निकालने दिल्ली आये थे । UPSC तो नहीं क्लियर हुआ लेकिन यह किताब लिख मारा ।   किताब की कहानी है UPSC की तैयारी करने बिहार से दिल्ली आये कुछ लड़कों की । किताब का मेन कैरेक्टर का ...

Ishq mein shahar hona - Ravish kumar

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Snap of  Ravish Kumar's book Ishq mein shahar hona बहुत अर्से बाद ऐसी कोई किताब आई है हिन्दी साहित्य में जिसका चर्चा फेसबुक , ब्लॉग , साहित्यिक मंडली में इस कदर हो रहा है, कल तक पुस्तक मेलों से अंग्रेजी की किताब को दिखा कर और हिन्दी की किताब को छुपा कर लाने वाले हम-सब super journalist Ravish Kumar रवीश कुमार /विक्रम नायक की लप्रेक - फ़ेसबुक फ़िक्शन श्रृंखला किताब Ishq mein shaher hona / इश़्क में शह़र होना बड़े ही गर्व से खरीद रहे हैं साथ ही साथ किताब की तस्वीर और इस पर अपनी प्रतिक्रिया फे़सबुक पर डाल रहे हैं । इस किता ब की कितनी प्रतियां बिकी यह तो मुझे नही मालूम पर लोगों के बीच इस किताब को लेकर क्रेज से यह ज्ञात होता है कि यह किताब हिन्दी के लिए एक turning point जरुर साबित होगी । रवीश के इन छोटी कहानियां / विक्रम नायक के चित्रों का प्रभाव है या Rajkamal Prakashan Group के व्यापक प्रचार का पर जो भी है इन सबने मिल कर outdated पड़े हिन्दी को update ही किया है । इन सबने साबित कर दिया कि लेखक खुद को प्रसांगिक रख कर किताब लिखें और उसका जबरदस्त branding हो तो हि...